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Tuesday, March 30, 2010

Touch Magix

TouchMagix is a next gen digital media that engages consumers in a whole new experience that involves interaction.

Touch Magix based in Pune, a city 120 miles south-east of the Indian commercial capital, Mumbai. TouchMagix is a product of the TechnoKarma Labs, an incubator that was established in 2002 with a vision to design and deliver world-class innovations to masses. We are a team with diverse experience in technology, gaming, advertising and marketing. We love to build products that enable brand owners to engage their consumers in an interaction that will make an everlasting impact in the consumers mind.

TouchMagix is lead by Anup Tapadia, who had bagged 2 master degrees in Computer Science at the age of 21 ! Anup is an alumnus of University of California, San Diego. At age of 14 he became the world youngest professional to pass the Microsoft Certifications (MCSD, MCSE, MCDBA). Bill gates, Azim Premji, Raghunath Mashalkar and many others have written and appreciated his achievements in the field of technology and science. Anup started his first company at the age of 16. Anup has a vision to make India an innovation hub to develop world-class products and start-ups.

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Ref:Touch Magix

Thursday, October 8, 2009

नोबेल पुरस्कार


नोबेल पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ़्रेद नोबेल की याद में वर्ष १९०१ मे शुरू किया गया है। आल्फ़्रेद नोबेल ने अपनी पूरी ज़िंदगी में कुल ३५५ आविष्कार किए थे जिनमें वर्ष १८६७ में डायनामाइट का आविष्कार भी है। दिसंबर १८९६ में जब उनकी म्रुत्यु हुई तो वे यूरोप के सबसे अमीर लोगों में से एक थे। और जनवरी १८९७ में जब उनकी वसीयत सामने आई तो पता चला कि उन्होंने अपनी संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा एक ट्रस्ट बनाने के लिए अलग कर दिया है। उनकी इच्छा थी कि इस पैसे के ब्याज से हर साल उन लोगों को सम्मानित किया जाए जिनका काम मानवजाति के लिए सबसे कल्याणकारी पाया जाए। ये पुरस्कार हर साल शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र में सर्वोत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। २९ जून १९०० को नोबेल फ़ाउंडेशन की स्थापना हुई और १९०१ में पहला नोबेल शांति पुरस्कार रेड क्रॉस के संस्थापक ज्यां हैरी दुनांत और फ़्रेंच पीस सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष फ्रेडरिक पैसी को संयुक्त रूप से दिया गया|

Sunday, October 4, 2009

विंग्स आफ फायर: एन आटोबायोग्राफी आफ एपीजे अब्दुल कलाम


विंग्स आफ फायर: एन आटोबायोग्राफी आफ एपीजे अब्दुल कलाम (१९९९), भारत के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की आत्मकथा है। इसके सह-लेखक अरुण तिवारी हैं। इसमे अब्दुल कलाम के बचपन से लेकर लगभग १९९९ तक के जीवन सफर के बारे मे बताया गया है। मूल रुप मे अंग्रेजी मे प्रकाशित यह किताब, विश्व की १३ भाषाओ मे अनूदित हो चुकी है। जिसमे भारत की प्रमुख भाषाए हिंदी, गुजराती, तेलगु, तमिल, मराठी, मलयालम के साथ-साथ कोरियन, चीनी और ब्रेल लिपि भी शामिल है।

स्वरूप
आत्मकथा ४ भागों में विभाजित है।

अनुस्थापन
अनुस्थापन(Orientation)शीर्षक से लिखा गया पहला भाग, तीन अध्यायों मे विभाजित है। इसमे डॉ. अब्दुल कलाम के बचपन से ले के पहले ३२ वर्षो के संस्मर्णो का वर्णन है। इन वर्षों मे डा. कलाम के बचपन, शिक्षा और शुरूआती कार्यजीवन के बारे मे बताया गया है। डा. कलाम का जन्म तमिलनाडु मे रामेश्वरम मे मध्यम वर्गीय तमिल मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके परिवार, चचरे भाईयों, शिक्षकों और अन्य लोगों से पडे प्रभावों के बारे में वर्णन किया गया है। रामेश्वरम में प्राइमरी स्कूल में पढ़ने के बाद, डॉ. कलाम शवार्टज़ हाई स्कूल, रामनाथपुरम गए और वहाँ से उच्च शिक्षा के लिए सेंट जोज़िफ़ कालेज, तीरुच्छीरापल्ली (त्रिची) गए। उनके शिक्षा के बारे मे किए गए वर्णन मे वे अपने शिक्षकों और उनके साथ हुए अनुभवों के बारे में बताते हैं। सेंट जोज़िफ़ कालेज से बीएससी पास करने के बाद विमान-विज्ञान की पढ़ाई करने के लिए उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालोजी (MIT) में दाखिला लिया। १९५८ में मद्रास इंस्टीट्यूट आफ टेकनालजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। एम आई टी से एक प्रशिक्षार्थी के रूप में वह एच ए एल बैंगलोर गए। इसके बाद डॉ. कलाम ने डी टी डी एंड पी (वायु) के तकनीकी केन्द्र (सिविल विमानन) में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक के रूप में २५० मासिक मूल वेतन पर नौकरी आरंभ की। इस भाग के अंत मे वे ६ महीने के प्रशिक्षण के लिए नासा, अमेरिका जाते है।

सृजन
सृजन(Creation) भाग, ७ अध्यायो मे है, अध्याय ४ से अध्याय १० तक। इसमे डा. कलाम के जीवन के १७ सालों (१९६३-१९८०) का वर्णन है। इस भाग में, इन वर्षो मे हुए उनके काम और भारत के तकनीकी विकास की कहानी मिलती है। डा. कलाम इसरो मे काम करने वाले एक इंजीनीयर से देश की बहुचर्चित तकनीकी परियोजना, एसएलवी के प्रमुख बनते है। इस दौरान उनको अन्य छोटी बड़ी सफलता और असफलाताओं से सामना करना पडता है। वे न केवल उच्च अधिकारियों का वर्णन करते है वरन कई उभरते हुए वैज्ञानिकों के साथ हुए अनुभवों के बारे में भी लिखते हैं। १९७६ मे उनके पिता का देहांत होता है। १९८१ मे उन्हें पद्मभूषण मिलता है। इस भाग के अंत मे वे डीआरडीएल के निर्देशक के रूप मे चुने जाते हैं|

प्रसादन
प्रसादन(Propitiation) इस भाग मे डा. कलाम के जीवन के अगले १० सालों के बारे मे लिखा गया है। यह भाग ५ अध्यायो में है, अध्याय ११ से अध्याय १४ तक। इस भाग में उनके द्वारा डीआरडीएल में किए उनके प्रबंधन संबंधित कार्यो का ज्यादा वर्णन है। डीआरडीएल प्रयोगशाला डा. कलाम के प्रबंधन के अंतर्गत आत्मविश्वास के साथ भारत के मिसाइल परियोजना का निर्माण करती है। इस भाग में वे वर्णन करते हैं कि कैसे वे इस काम को अंजाम देने के लिए व्यक्तियों का चुनाव करते है। उनके रास्ते मे आई मुश्किलों को हल करने के लिए वे पारंपरिक शैली से हटकर नए निर्णय लेते हैं। वे शिक्षण संस्थाओं के साथ भी भागीदारी करते हैं।

अवलोकन
अवलोकन(Contemplation) नामक अंतिम भाग २ अध्यायो में है, अध्याय १५ और अध्याय १६। इसमें डा. कलाम के जीवन के अगले ९ सालों (१९९१-१९९९) तक का वर्णन है। इस भाग में डा. कलाम अपने जीवन के अनुभवों, ज्ञान और विचार को संकलित करते है। वर्ष १९९७ में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होते हैं और देश की आने वाली पीढ़ी को संदेश देते हैं।

स्रोत : विकिपीडिया

Friday, October 2, 2009

Maharaja Ajit Singh of Khetri


Maharaja Ajit Singh Bahadur (1861-1901) was a ruler of the Indian princely state of Khetri between 1870-1901. He was a close friend and disciple of Swami Vivekananda. Ajit Singh is know for his monetary support he provided to Vivekananda, and encouraging him to speak at the Parliament of the World's Religions at Chicago in 1893.
Swami Vivekananda and Ajit Singh had a very intimate and cordial relationship. Vivekananda first visited Ajit Singh as a wandering monk in 1891. As a state-guest, Swamiji spent two and a half months at Khetri. Influenced by Vivekananda's ideas, he became his disciple. Later when Vivekananda decided to sail to the West to talk at the Parliament of the World's Religions in Chicago at 1893, Ajit Singh provided him the financial aid and got him the ticket for the ship to America from Bombay. It was under Ajit Singh's request, that Vivekananda assumed his monastic name.
Vivekananda wrote a stream of letters to Ajit Singh from the West, and later from India. Ajit singh is known for the financial support he provided for Vivekananda for his social service. On 17 December 1897, at Khetri, Swamiji said in a meeting that whatever little he had done for the uplift of India would not have been possible had he not met the Raja of Khetri. Again, he wrote in a letter to Munshi Jagmohanlal on 11 October 1897, "Certain men are born in certain periods to perform certain actions in combination. Ajit Singh and myself are two such souls—born to help each other in a big work for the good of mankind.… We are as supplement and complement."
In 1958, Ramakrishna Mission was started at the Palace of Khetri, which was donated by Raja Ajit Singh's grandson, Raja Bahadur Sardar Singh. The palatial building has been named as "Vivekananda Smriti Mandir", which houses marble statues of Raja Ajit Singh and Swami Vivekananda. The room at the topmost storey where Swamiji used to stay and had spiritual discourses with Raja Ajit Singhji, has been converted into a prayer room.

External links

Ref: Wikipedia

Monday, September 7, 2009

किरण बेदी


डॉ. किरण बेदी भारतीय पुलिस सेवा की प्रथम वरिष्ठ महिला अधिकारी हैं। उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी कार्य-कुशलता का परिचय दिया है। वे संयुक्त आयुक्त पुलिस प्रशिक्षण तथा दिल्ली पुलिस स्पेशल आयुक्त (खुफिया) के पद पर कार्य कर चुकी हैं। इस समय वे संयुक्त राष्ट्र संघ के ‘शांति स्थापना ऑपरेशन’ विभाग में नागरिक पुलिस सलाहकार’ के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वर्ष 2002 के लिए भारत की ‘सबसे प्रशंसित महिला’ चुना गया। द ट्रिब्यून के पाठकों ने उन्हें ‘वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला’ चुना।

डॉ. बेदी का जन्म सन् 1949 में पंजाब के अमृतसर शहर में हुआ।

सम्मान एवं पुरस्कार

उनके मानवीय एवं निडर दृष्टिकोण ने पुलिस कार्यप्रणाली एवं जेल सुधारों के लिए अनेक आधुनिक आयाम जुटाने में महत्वपूर्ण योगदान किया है। निःस्वार्थ कर्त्तव्यपरायणता के लिए उन्हें शौर्य पुरस्कार मिलने के अलावा अनेक कार्यों को सारी दुनिया में मान्यता मिली है जिसके परिणामस्वरूप एशिया का नोबल पुरस्कार कहा जाने वाला रमन मैगसेसे पुरस्कार से उन्हें नवाजा गया। उनको मिलने वाले अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों की श्रृंखला में शामिल हैं - जर्मन फाउंडे्शन का जोसफ ब्यूज पुरस्कार, नार्वे के संगठन इंटशनेशनल ऑर्गेनाजेशन ऑफ गुड टेम्पलर्स का ड्रग प्रिवेंशन एवं कंट्रोल के लिए दिया जाने वाला एशिया रीजन एवार्ड जून 2001 में प्राप्त अमेरीकी मॉरीसन-टॉम निटकॉक पुरस्कार तथा इटली का ‘वूमन ऑफ द इयर 2002’ पुरस्कार।

अन्य उपलब्धियाँ

व्यावसायिक योगदान के अलावा उनके द्वारा दो स्वयं सेवी संस्थाओं की स्थापना तथा पर्यवेक्षण किया जा रहा है। ये संस्स्थाएं हैं- 1988 में स्थापित नव ज्योति एवं 1994 में स्थापित इंडिया विजन फाउंडेशन। ये संस्थाएं रोजना हजारों गरीब बेसहारा बच्चों तक पहुँचकर उन्हें प्राथमिक शिक्षा तथा स्त्रियों को प्रौढ़ शिक्षा उपलब्ध कराती है। ‘नव ज्योति संस्था’ नशामुक्ति के लिए इलाज करने के साथ-साथ झुग्गी बस्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों में तथा जेल के अंदर महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और परामर्श भी उपलब्ध कराती है। डॉ. बेदी तथा उनकी संस्थाओं को आज अंतर्राष्ट्रीय पहचान तथा स्वीकार्यता प्राप्त है। नशे की रोकथाम के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया गया ‘सर्ज साटिरोफ मेमोरियल अवार्ड’ इसका ताजा प्रमाण है।
वे एशियाई टेनिस चैंपियन रही हैं। उन्होंने कानून की डिग्री के साथ-साथ ‘ड्रग एब्यूज एण्ड डोमोस्टिक वायलेंस’ विषय पर डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त की है। उन्होंने ‘इट्स ऑलवेज पॉसिबल’ तथा दो आत्मकथा ‘आय डेयर’ एवं ‘काइंडली बेटन’ नामक पुस्तक लिखी है। इसके अलावा यथार्थ जीवन पर आधारित वृतांतों का संकलन ‘व्हाट वेंट रोंग’ नाम से किया है। इसके हिन्दी रुपांतर ‘गलती किसकी’ नाम से संकलित है। ये दोनों संकलन, दैनिक राष्ट्रीय समाचार पत्र ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ एवं ‘नवभारत टाइम्स’ में डॉ. बेदी के व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित पाक्षिक स्तभों से संबंधित हैं।

प्रमुख पद

  • दिल्ली ट्राफिक पुलिस चीफ
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो
  • डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, मिजोरम
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़
  • स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट गवरनर, दिल्ली
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, चंडीगढ़
  • जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ट्रेनीग
  • स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस इंटेलिजेन्स
  • यू.एन. सिविलियन पुलिस एड्वाइजर
  • महानिदेशक, होम गार्ड और नागरिक रक्षा
  • महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो

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ref : hi.wikipedia.org

Monday, August 31, 2009

बिल गेट्स

विलियम हेनरी गेट्स III
(जन्म 28अक्टूबर (October 28),1955) जिन्होंने पॉल एलेन (Paul Allen) के साथ सॉफ्टवेर कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की, के अध्यक्ष (chairman) एक परोपकारधर्मी (philanthropist) एवं प्रभावशाली अमरीकी व्यवसायी (business magnate) तथा विश्व में तीसरा धनवान व्यक्ति (world's third richest person) (सन् 2008 तदनुसार) हैं.गेट्स अपने कैरियर के दौरान माइक्रोसॉफ्ट में सी ई ओ एवं (CEO) मुख्य सॉफ्टवेयर वास्तुकार (chief software architect) पदों पर रहे तथा उसकी साधारण पूंजी (common stock) के 9 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी लेकर सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक हैं.वे कई पुस्तकों के लेखक या सह-लेखक भी रहे .
गेट्स निजी कंप्यूटर (personal computer) क्रांति के सबसे प्रसिद्ध उद्दमियों में से रहे .यद्यपि बहुतों ने उनकी प्रशंसा की , बड़ी संख्या में उद्योग जगत के अंदरूनी व्यक्तिओं ने उनके व्यवसाय रणनीति, जो उनके नजरों में प्रतिस्पर्धी विरोधी हैं और कुछ मामलों में अदालतों द्वारा भी वैध ठहराए गए हैं,की आलोचना की. अपने कैरियर की बाद के चरणों में, गेट्स के सन् २००० में स्थापित बिल और मेलिंडा गेट्स संस्थान (Bill & Melinda Gates Foundation) के माध्यम से, विभिन्न दातव्य संगठनों और वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रमों में बड़ी मात्रा में दान करने के कई लोकोपकारी (philanthropic) प्रयास रहे हैं.
बिल गेट्स ने जनवरी 2000 में माइक्रोसोफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद छोड़ दिया. वे अध्यक्ष एवं मुख्य सॉफ्टवेयर वास्तुकार .के पद पर बने रहे जून 2006 में , गेट्स ने घोषणा की कि वह माइक्रोसोफ्ट में पूर्णकालिक कार्यावधी में परिवर्तन कर ,माइक्रोसोफ्ट में अंशकालिक कार्य और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) में पूर्णकालिक कार्य करेंगे.वे अपने कर्तव्यों को क्रमशः रे ओज्जी (Ray Ozzie), सॉफ्टवेयर मुख्य वास्तुकार (chief software architect) और क्रेग मुंडी (Craig Mundie), मुख्य अनुसंधान सह योजना अधिकारी के बीच तबादला करते गए.
27जून, 2008 गेट्स के लिए माइक्रोसॉफ्ट में अन्तिम पूर्ण दिवस था.वे माइक्रोसॉफ्ट में अंशकालिक, अकार्यकारी अध्यक्ष के रूप में रहते हैं.

प्रारंभिक जीवन

गेट्स का जन्म सिएटल,वॉशिंगटनमें,विलियम एच के यहाँ हुआ. गेट्स, सीनियर (William H. Gates, Sr.) और मरी मैक्‍सवेल गेट्स (Mary Maxwell Gates). उनका परिवार धनी था, उनके पिता एक प्रमुख वकील थे, उनकी माँ प्रथम इंटरस्टेट बैंक सिस्टम (First Interstate BancSystem) औरयूनाइटेड वे (United Way) के निदेशक मंडल मे सेवारत थीं, और उनकी पिता, जे.डब्ल्यू.मैक्‍सवेल, एक राष्‍ट्रीय बैंक (national bank) के अध्‍यक्ष थे.
गेट्स की एक बड़ी बहन, क्रिस्टी (क्रिस्तिंने), और एक छोटी बहन, लिब्बी है.वे अपने परिवार में सम नाम के चौथे व्यक्ति थे, लेकिन विलियम गेट्स III या "ट्रे" के नाम से जाने जाते थे क्योंकि उनके पिता ने अपने नामांत में III जोड़ना छोड़ दिया था. उनके जीवन के प्रारंभिक काल में उनके माता पिता के मन में उनकेलिए कानून का कैरियर था .
वह तेरह वर्ष की उम्र में लेकसाइड स्कूल (Lakeside School) नामक प्रस्तुति विद्यालय में भर्ती हुए. जब वे आठवीं कक्षा में थे, विद्यालय के मदर क्लब ने लेकसाइड स्कूल के रद्दी सामानों की बिक्री से प्राप्ति का उपयोग विद्यालय के छात्रों के लिए एक ऐएसआर - 33 (ASR-33)दूरटंकण (teletype)टर्मिनल (terminal) तथाजनरल इलेक्ट्रिक (General Electric) ( जी.ई . ) कंप्यूटर पर एक कंप्यूटर समय्खंड खरीदने के लिए किया.
गेट्स ने BASIC (BASIC) में GE सिस्टम की प्रोग्रामिंग में रूचि दिखाई और उन्हें उनकी इस रूचि के लिए गणित की कक्षाओं से छूट दी गई. उन्होंने अपना पहला कंप्यूटर प्रोग्राम इस मशीन पर लिखा : जो था टिक-टैक-टो (tic-tac-toe) का कार्यान्वयन और उपयोगकर्ता को कंप्यूटर से खेल खेलने का अवसर प्रदान करता था.
गेट्स इस मशीन से सहज आकर्षित थे कि कैसे यह हमेशा सॉफ़्टवेयर कोड सठिक संपादित करता है .बाद में इस क्षण को पीछे मुड कर देखते हुए उन्होंने टिप्पणी की और कहा, "मशीन में जरुर कुछ गूढ़ बात रही होगी."मदर क्लब के दान का अर्थ समाप्त हो जाने के बाद , वे अन्य छात्रों के साथ डीईसी (DEC)पीडीपी (PDP)मिनी कंप्यूटरों (minicomputer)सहित सिस्टमों पर समय मांगते रहे. इनमें से एक सिस्टम पीडीपी-१० (PDP-10) कंप्यूटर सेण्टर कारपोरेशन (सीसीसी ) का था, जिसके द्वारा लेकसाइड के चार छात्रों - गेट्स, पाल एलेन (Paul Allen), रिक वेइलैंड (Ric Weiland), और केंट एवंस पर पुरे गर्मी महीने के लिए प्रतिबन्ध लगा दिया गया ---जब उन्हें ऑपरेटिंग सिस्टम में रहे खामिओं का अपव्यवहार कर निःशुल्क कंप्यूटर में समय प्राप्त करते हुए पकड़ा गया था.

प्रतिबंध के अंत में, चारों छात्रों ने नि:शुल्क कंप्यूटर समय के बदले में सीसीसी के सॉफ्टवेर को खामिओं से मुक्त करने की पेशकश की.दूरटंकण मध्यम से सिस्टम के उपयोग के बजाए, गेट्स सीसीसी के कार्यालयों में जाते रहे और विभिन्न कार्यक्रमों के लिए सोर्स कोड (source code) जो कि फोर्टरन (FORTRAN), लिस्प (LISP), और मशीन भाषा सहित सिस्टमों में व्यवहृत होते हैं, का अध्ययन किया. सीसीसी के साथ यह व्यवस्था 1970 तक चलती रही, जब वह बंद हो गई. अगले वर्ष, इन्फोर्मेशन साइंसेस आइएनसी. लेकसाइड के चार छात्रों को कंप्यूटर समय एवं रॉयल्टी उपलब्ध कराकर कोबोल (COBOL), पर एक पेरोल प्रोग्राम लिखने के लिए किराए पर रख लिया.जब प्रशासकों को उनके प्रोग्रामिंग क्षमताओं के बारे में जानकारी हुई, गेट्स कक्षाओं में छात्रों को अनुसूचित करने के लिए विद्यालय हेतु एक कंप्यूटर प्रोग्राम लिखा. वे कोड में इसतरह संशोधन किए ताकि उन्हें अधिकांश महिला छात्राओंवाली कक्षाओं में रखा जाता रहे.बाद में उन्होंने वर्णन किया कि " एक मशीन, जिसपर मैं इतना भ्रान्ति रहित सफल प्रदर्शन कर सकता था ,से मुझे चीरकर अलग करना कठिन था. "17 वर्ष की आयु में, गेट्स एलन के साथ मिलकर ,इंटेल 8008 प्रोसेसर (Traf-O-Data) पर आधारित यातायात काउनटर (traffic counter) बनाने के लिए ट्राफ-ओ-डाटा (Intel 8008)के नाम से एक उपक्रम बनाया.
गेट्स लेकसाइड स्कूल से वर्ष 1973 में स्नातक हुए .संयुक्त राज्य में कॉलेज दाखिले के लिए मानकीकृत परीक्षा SATs में वे 1600 में 1590 अंक प्राप्त किए, एवं तत्पश्चात सन् 1973 में हारवर्ड कॉलेज (Harvard College) में उनका नामांकन हुआ. हालांकि हार्वर्ड में, उन्हें अपने भविष्य के व्यापारिक साझीदार स्टीव बल्ल्मेर (Steve Ballmer) मिले, जिन्हें बाद में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के रूप में नियुक्त किया .उन्हें हार्वर्ड में कंप्यूटर वैज्ञानिक क्रिस्टोस पपदिमित्रिऔ (Christos Papadimitriou) भी मिलें जिनसे वे एल्गोरिदम से सम्बंधित एक लिखत पर साँझा सहयोग प्राप्त की. हार्वर्ड में, छात्रावस्था में, उनका अध्यन का कोई निश्चित योजना नही था और अंततः वर्ष 1975 में उन्होंने विदा ले लिया.

इंटेल के इंटेल 8080 (Intel 8080) CPU (CPU) जारी करने के बाद गेट्स ने महसूस किया कि यही प्रथम कंप्यूटर चीप है जिसका मूल्य $200 से कम है, BASIC में कम कर सकता है तथा उस समय प्राप्त व्यक्तिगत कंप्यूटर के अन्दर चलनेवाला सबसे वहनयोग्य चीप है. उन्होंने तय पाया कि यही एक मौका है समय का फायदा उठाने का एवं पॉल एलन के साथ एक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनी का शुभारम्भ करने का फ़ैसला लिया .उन्होंने अपने माता पिता से इस निर्णय के सबध में आलोचना की थी, जो कि गेट्स के सॉफ्टवेर कंपनी प्रारम्भ करने के तीब्र समर्थक रहे थे.

माइक्रोसॉफ्ट

पोपुलर इलेक्ट्रोनिक्स (Popular Electronics) के जनवरी १९७५ का अंक पढने के बाद, जिसमें अल्टेयर 8800 (Altair 8800) प्रर्दशित हुआ था, बिल गेट्स ने माइक्रो इंस्ट्रुमेंटेशन एंड टेलीमेट्री सिस्टम (Micro Instrumentation and Telemetry Systems) (MITS), जो नए माइक्रो कंप्यूटर के जन्मदाता थे, को यह बताने के लिए संबंध स्थापित किया कि वे एवं अन्य मंच के लिए BASIC (BASIC) के व्याख्याता का काम कर रहे थे.[१९]सही में , गेट्स एवं एलन के पास कोई अल्तैर था और ना ही अल्तैर के लिए कोई कोड लिखा गया था , और वे केवल चाहते थे गेज एम्आईटीएस के हित में हो .MITS अध्यक्ष एड.रॉबर्ट्स (Ed Roberts) ने उनके एक प्रदर्शनी में उपस्थित होने की सहमति दी, और इसके कुछेक सप्ताह के भीतर वे एक अलटेयरएमुलेटर (emulator) विकसित कर लिया जो एक मिनी कंप्यूटर, और फ़िर BASIC इंटरप्रेटर में काम करने लगा.MITS के अल्बुकर्क कार्यालयों में किया गया प्रदर्शन सफल रहा जिसके फलस्वरूप वह इंटरप्रेटर अलटेयर BASIC (Altair BASIC) के नाम से वितरण हेतु MITS के साथ सौदा हो गया. पॉल एलन के सेवाओं को MITS द्वारा किराये पर लिया गया था और गेट्स MITS के अल्बुकर्क कार्यालय में एलेन के साथ काम करने के लिए नवम्बर 1975 में हॉवर्ड से अनुपस्थिति की अनुमति (leave of absence) ले लिए.उन्होंने अपने साझेदारी (partnership) का नाम "माईक्रो-साफ्ट" रखा और अपने प्रथम कार्यालय की स्थापना अल्बुकर्क में की. एक वर्ष के अन्दर ,हाईफन चिन्ह को हटा दिया गया, और २६ नवंबर, १९७६,को यूएसपीटीओ (USPTO)में व्यपारिक नाम " माइक्रोसाफ्ट" को पंजीकृत किया गया.
माइक्रोसाफ्टका बेसिक, कंप्यूटर प्रेमियों (होब्ब्यिस्ट्स) में लोकप्रिय था, लेकिन गेट्स को पता चला की बाज़ार में आनेसे पहले ही इसकी प्रति समुदाय के बीच उन्मोचित होचुकी है और व्यापक रूप से नक़ल कर वितरित की जा रही है. फ़रवरी 1976 में गेट्स ने एम्आइटीएस के समाचार पत्रिका में होब्ब्यिस्ट्स (Open Letter to Hobbyists) के नाम यह वर्णन करते हुए एक खुला पत्र लिखा कि एम्आइटीएस बिना भुगतान के उच्च गुणवत्ता सम्पन्न सफ्टवेर का उत्पादन ,वितरण एवं रख-रखाव का कार्य जारी नही रख सकता.यह पत्र बहुतसे कंप्यूटर होब्ब्यिस्ट्स के बीच अप्रिय था, लेकिन गेट्स अपने विश्वास पर पूर्ण कायम रहें की सॉफ्टवेर विकासकर्ताओं के भुगतान की मांग जायज है .वर्ष १९७६ के अन्तिम चरणों में माइक्रोसाफ्ट ,MITS से, स्वतंत्र हो गया और विभिन्न सिस्टमों के प्रोग्रामिंग भाषा सॉफ्टवेयर विकसित करने का कार्य जारी रखा . १ जनवरी, १९७९. को कंपनी अलबुकर्क से अपने नए ठिकानेबेलेव्यू , वाशिंगटन (Bellevue, Washington) में चली आयी.
माइक्रोसॉफ्ट के प्रारंभिक वर्षों में ,सभी कर्मचारियों पर कंपनी के कारोबार के लिए व्यापक जिम्मेदारी थी .गेट्स व्यवसाय विवरण पर भी ध्यान कोड लिखने का कार्य भी जारी रखे.प्रथम पाँच वर्षों तक, कंपनी द्बारा जारी किए गए सभी कोड के प्रत्येक पंक्ति की वे व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करते थे, और प्रायः उसे सही करने के लिए कुछ भागों को फ़िर से लिखते थे.

विंडोज

गेट्स के देखरेख में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का पुनर्गठन जून 25, 1981 को हुआ और वाशिंगटन में पुनर्स्थापित किया गया जिसमें गेट्स को पुनः माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और निदेशक मंडल के अध्यक्ष की हैसियत से शामिल किया गया. माइक्रोसॉफ्ट ने अपना माइक्रोसॉफ्ट विन्डोज़ (Microsoft Windows) का पहला खुदरा संस्करण 20 नवंबर, 1985को पेश किया, और अगस्त में कम्पनी ने आईबीएम (IBM) के साथ एक अलग ऑपरेटिंग सिस्टम OS/2 (OS/2), विकसित करने का सौदा तय किया.हालांकि दोनों कंपनियों ने नये सिस्टम के पहले संस्करण को सफलतापूर्वक विकसित किया,परन्तु बढ़ते रचनात्मक मतभेदों के कारण साझेदारी उपेक्षित रही.गेट्स ने मई 16 (May 16), 1991 में वितरित एक आतंरिक ज्ञापन में घोषणा की कि OS/2 की साझेदारी ख़त्म हुई और माइक्रोसॉफ्ट अपना संपूर्ण प्रयास विन्डोज़NT (Windows NT) कार्नेल (kernel) के विकास में लगायेगी.

प्रबंधन शैली

सन्1975 को माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापना से लेकर 2006 तक कंपनी की उत्पाद रणनीति गेट्स की प्राथमिक जिम्मेदारी थी.वे कंपनी के विभिन्न उत्पादों को आग्रासक रूप से प्रसारित किए, और जहाँ कहीं भी माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख स्थान हासिल कर रहा हो उन्होंने इसकी पुरजोर बचाव की.कई महत्वपूर्ण फैसलों, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट के व्यपार सम्बन्धी व्यबहार (business practices) एंटी ट्रस्ट (antitrust) के कानूनी दावपेंच में फंसे, पर गेट्स का अनुमोदन था. वर्ष १९९८ मेंसंयुक्त राज्य बनाम माइक्रोसॉफ्ट (United States v. Microsoft) मामले में , गेट्स ने जो गवाही बक्तव्य दिए,कई पत्रकार उन्हें कन्नी कटना चिन्हित करते हैं.प्रासंगिक शब्दों जैसे "प्रतिस्पर्धा," "सम्बंधित," और "हम." पर वे परीक्षक डेविड बोइएस (David Boies) के साथ वितर्क में उलझे. बिजनेस विक ने लिखा

बाद में गेट्स ने कहा कि वे केवल बोइएस द्वारा उनके शब्दों और कामों के ग़लत आंकलन प्रयास का विरोध किए थे. अपने चाल चलनेवाली बयान के दौरान उन्होंने कहा,"क्या मैं बोइएस के साथ घेरा बाँध रहा हूँ?... मैंने दोषों पर बहस किए.बोइएस के प्रति तीब्रतम् कर्कश व्यव्हार के लिए जो भी जुर्माना होना चाहिए, मुझपर लगाया जाय. गेट्स के नकारने के बावजूद, न्यायाधीश ने राय दिया कि माइक्रोसॉफ्ट शेरमन एंटीट्रस्ट एक्ट (Sherman Antitrust Act) का उल्लंघन करते हुए एकाधिकार एवं बंधेज तथा प्रतियोगिता के अवरोध का उपयोग किया है.
कार्यकारी अधिकारी के रूप में ,गेट्स नियमित रूप से माइक्रोसॉफ्ट के वरिष्ठ प्रबंधकों एवं कार्यक्रम प्रबंधकों से मिलते रहे. इन बैठकों के प्रथमदृष्टतया हिसाब से यह प्रतीत होता है कि वह प्रबंधकों को, उनके व्यापार रणनीतिओं तथा प्रस्तावों में दिखनेवाले छिद्रों, जो कंपनी के दीर्घकालिक हितों को दांव पर चढा सकती है, के लिये कमकर आंकनेवाले मौखिक योद्धा रहे हैं. वे अक्सर प्रस्तुतियों पर अपनी टिप्पणियों, जैसे "ऐसी बेवकुफीभरी बात मैंने शायद ही कभी सुनी हो" से रोक लगाया करते थे. और, "क्यों नही आप अपना विकल्प (options) छोड़ शान्ति सेना (Peace Corps) में शामिल हो जाते?"और तब उनको ताव पर चढानेवाले लक्ष्य को तबतक अपने प्रस्ताव का विशद रूपसे बचाव करना होता जबतक आशानुरूप गेट्स पुरी तरह से आश्वस्त नही हो जाते. जब अधीनस्थ लोग काम बंद करते दीखते, उनका व्यंग्यात्मक टिप्पणी हुआ करता था "मैं इसे सप्ताहांत तक कर लूँगा".
माइक्रोसॉफ्ट के इतिहास के अधिकतर भाग में गेट्स की भूमिका मुख्यरूप से एक प्रबंधन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कि रही.जबकि, प्रारंभिक वर्षों में वह एक सक्रिय सॉफ्टवेर विकसित करनेवाले थे, उनका खास ध्यान कंपनी के प्रोग्रामिंग भाषा उत्पादों में रहा.TRS-80 Model 100 line (TRS-80 Model 100 line) में काम करने के समय से वह आधिकारिक तौर पर किसी विकास दल में नही थे, लेकिन काफी समय,1989 तक कोड लिखते रहे जो कंपनी के उत्पादों के रूप में भेजे गए. जून 15, 2006को गेट्स ने घोषित किया की वे अगले दो वर्षों के समय में अपने दैनिक कामकाजों की भूमिका से बाहर निकल आयेंगे ताकि परोपकारी कर्मों में अधिक समय समर्पित कर सकें.उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों दो उत्तराधिकारियों के बीच विभाजित कर दिया, स्थान राय ओज्जि (Ray Ozzie) प्रभारी दैनिक प्रबंधन और क्रेग मुंदी (Craig Mundie) प्रभारी दीर्घकालीन उत्पाद रणनीति.

निजी जीवन

गेट्स की शादी फ्रांसीसी मेलिंडा (Melinda French)के साथ डलास, टेक्सास में जून 1, 1994 को हुआ उनके तीन बच्चे हैं: जेनिफर कैथेराइन गेट्स (1996), रोरी जॉन गेट्स (1999) एवं फोएबे अदेले गेट्स (2002). बिल गेट्स का घर लेक वॉशिंगटन (Lake Washington)की ओर झांकती हुई, एक पहाड़ी के पास जो मेडीना (Medina), वॉशिंगटनमें है,21 वीं सदी की एक भू आश्रित मकान है. (earth-sheltered home), इस संपत्ति (जमीन और घर)का सार्वजनिक मूल्यांकन $1250 लाख,और वार्षिक संपत्ति कर $991हज़ार है . इसके अलावे गेट्स के निजी संग्रह में है लियोनार्दो दा विन्ची द्वारा लिखित कोडेक्स लेस्टर (Codex Leicester), जो गेट्स ने वर्ष 1994 की एक नीलामी में $308 लाख में खरीदा था.[३५]गेट्स एक गहरा अध्यनकारी के रूप में भी जाने जाते हैं, और उनके घर की विशाल पुस्तकालय के छत में, महान गाट्स्बी (The Great Gatsby) का एक उद्धरण खुदाई किया हुआ है.
गेट्स"फोर्ब्स 400 (Forbes 400)"सूची में 1993 से लगातार 2007 तक और फोर्ब्सके "विश्व के सबसे अमीर लोगों की (The World's Richest People)" सूची में 1995 से 2007 तक नम्बर एक पर रहे.संक्षेप में, वर्ष 1999 में गेट्स की संपत्ति $101 अरब पार कर गया, जिससे खबरों में उनका नाम "सेंटीबिलयेनायर" में आ गया. सन् 2000 से, डॉट-कॉम बुलबुले (dot-com bubble) के फटने से माइक्रोसॉफ्ट के शेयर की कीमत में गिरावट के बाद तथा कई अरब डॉलर अपने दातव्य संस्थानों में दान करने से उनके माइक्रोसॉफ्ट होल्डिंग्स के अंकित मूल्य में कमी आयी है.मई 2006 के एक साक्षात्कार में गेट्स ने टिप्पणी की कि उनकी यह कामना नही रही कि वे विश्व में सबसे धनी व्यक्ति बने क्योंकि इसप्रकार नजरों पर चढ़ना उन्हें नापसंद है. गेट्स का माइक्रोसॉफ्ट से बाहर कई निवेश है,जिससे उन्हें वर्ष 2006 में वेतन के मद में $६१६६६७ और बोनस के मद में $३५००००, कुल $९६६६६७ का भुगतान मिला. उन्होंने 1989 में एक डिजीटल इमेजिंग कंपनी कोर्बिस (Corbis) की स्थापना की.2004 में वे उनके पुराने मित्र वॉरेन बुफे (Warren Buffett) के नेतृत्व वाले एक निवेशक कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) में निर्देशक (director) बने. वे, कास्केड इनवेस्टमेंट समूह , जो एक विविध होल्डिंगवालाधन प्रबंधन (wealth management)फर्म है के ग्राहक हैं

परोपकार कार्य

जनता की यह अभिमत तीव्रतर होने पर कि वे अपने धन में से और अधिक दान कर सकते थे,गेट्स महसूस करने लगे कि अन्य लोगों की उनसे क्या अपेक्षाएँ थी.गेट्स ने ऐंड्रू कार्नेगी (Andrew Carnegie) अवंजॉन डी.रॉकफेलरके कार्यों पर अध्ययन किया.रोकफेलर (John D. Rockefeller) और अपनी माइक्रोसॉफ्ट के कुछ शेयरों को 1994 में विलियम एच गेट्स फाउंडेशन बनाने के लिए बेच डाला.गेट्स फाउंडेशन. वर्ष 2000 में गेट्स और उनकी पत्नी ने तीन पारिवारिक संस्थानों को संयुक्त कर बिल एवं मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) के नाम से एक दातव्य संस्थान बनाया, जो कि विश्व में सबसे बड़ी पारदर्शी तरीके से संचालित दातव्य संस्थान (charitable foundation) है. अन्य प्रमुख दातव्य प्रतिष्ठानों (charitable organization) जैसे वेलकॉम ट्रस्ट (Wellcome Trust) से भिन्न, स्थापित संस्थान अपने पृष्ठपोषकों को यह जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देती है कि मुद्रा किस प्रकार खर्च किया जा रहा है. यह डेविड रॉकफेलर (David Rockefeller) की उदारता और व्यापक परोपकारधर्मिता का एक विशेष प्रभाव माना गया. गेट्स और उनके पिता रॉकफेलर के साथ कईबार मिले और अपने विभिन्न दानकार्यों को रॉकफेलर परिवार (Rockefeller family) के परोपकारिता आधारित कार्यों के ढांचे पर,जैसे कि, विश्व के उन समस्याओं जिन्हें सरकारों और अन्य संस्थाओं द्वारा नजरंदाज किया जाता है, संगठित किया.
संस्थान के अनुदानों में से जिस मद में कोष प्रदान किए गये :
कृषिकार्य/ खेतीबाडी
कम प्रतिनिधित्त्व वाले अल्पसंख्यक समुदायों के लिये कालेज छात्रवृत्तियां (scholarships)
ऐड्सनिवारण
तीसरी दुनिया (third world) के देशों में फैले रोग
अन्य कारण
वर्ष 2000 में, गेट्स फाउंडेशन ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय को $210 मिलियन गेट्स कैम्ब्रिज छात्रवृत्तियां (Gates Cambridge Scholarships) प्रदान करने के लिए समर्पित किया.फाउंडेशन ने $1बिलियन संयुक्त निग्रो कॉलेज कोष (United Negro College Fund) सहित $7बिलियन से ज्यादा की राशि विभिन्न उद्देश्यों के लिए देने का संकल्प लिया. वर्ष 2004 में फोर्ब्स पत्रिका में प्रकाशित एक लेख के अनुसार वर्ष 2000 से अबतक गेट्स ने $29 बिलियन से अधिक राशि दातव्य कार्यों प्रदान कर चुका है. ये दानराशियां,अक्सर अधिक अमीरों के नज़रिया में उद्दीपक तथा पर्याप्त परोपकर्धर्मी (philanthropy) बदलाव के तौर पर उधृत की जाती है,जिससे परोपकार कार्य आधार बनते नज़र आते हैं. बुफ्फे, जो कि दुनिया के समृद्ध व्यक्तियों में दुसरे थे, ने 25 जून, 2006 को घोषणा की कि उन्होंने फाउंडेशन को, कई वर्षों में सम्प्रसारित बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) क्लास बी शेयरस (share) के वार्षिक योगदान के माध्यम से $10मिलियन देने का संकल्प किया है.
गेट्स ने जून 15, 2006 को घोषणा की कि माइक्रोसॉफ्ट में उनकी अंशकालिक भूमिका रहेगी, और जुलाई 2008 से दैनिक परिचालन प्रबंधन कार्य छोडकर, परन्तु अध्यक्ष (chairman) एवं सलाहकार के रूप में बने रहने के साथ, परोपकार कार्य (philanthropy) में पूर्ण कालिक भूमिका निभायेंगे. गेट्स ने ,उनके दातव्य उद्देश्यों में योगदान के लिए लिये गये निर्णयों को प्रभावित करने का श्रेय बुफ्फे को दिया. कुछ दिनों के बाद बुफ्फे ने घोषणाकी कि वे गेट्स फाउंडेशन में गेट्स के बराबर $1.5 बिलियन तक प्रति वर्ष शेयर के माध्यम से योगदान प्रारम्भ करेंगे. बुफे ने फाउंडेशन को अपनी सम्प्रदानों को त्वरित करने में पथ प्रदर्शन कर मदद की.यह बहुत थोड़े से जीवन सीमा वाले दातव्य प्रतिष्ठानों में से एक हो गया है, जो अपने सभी संसाधनों को खर्च करने तथा इसके संस्थापकों के मरने के 50 वर्षों के अन्दर बंद करने के लिए प्रतिश्रुत है.
वॉरेन बुफे और बिल गेट्स दोनों योजनाबद्ध पितृत्व (Planned Parenthood) के जोरदार समर्थक रहे, जो बुफे और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशनस से वितीय सहायता प्राप्त एक अलाभकारी प्रतिष्ठान है.संयुक्त राज्य में सम्पन्न होनेवाले कुल गर्भपातों के लगभग 20% का सम्पादन योजनाबद्ध पितृत्व द्वारा किया जाता है.योजोनावध्य पितृत्व के लिए लगभग एक तिहाई धन सरकारी अनुदानों और अनुबंधों(वर्ष 2007 में $336.7 लाख) से तथा अवशेष क्लिनीक के आय और बिल गेट्स जैसे धनी व्यक्तियों से दान के रूप में आते हैं.

Friday, August 28, 2009

ए पी जे अब्दुल कलाम

 

अब्दुल कलाम
अवुल पकिर जैनुलाअबदीन अब्दुल कलाम (जन्म 15 अक्तूबर, 1931, रामेश्वरम, तमिलनाडू, भारत), जिन्हें आमतौर पर डाक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम के नाम से जाना जाता है वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति, जानेमाने वैज्ञानिक और अभियंता हैं।

जीवनचरित
धनुषकोडी गाँव जो कि तमिलनाडू में है के एक मध्यमवर्ग मुस्लिम परिवार में जन्मे कलाम ने 1958 में मद्रास इंस्टीट्यूट आफ टेकनालजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। स्नातक होने के बाद उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिये भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश किया। 1962 में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में आये जहाँ उन्होंने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभाई। परियोजना निदेशक के रूप में भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसलवी3 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिससे जुलाई 1980 में रोहिणी उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था। अवुल पकीर जैनुलबीदीन अब्दुल कलाम को भारत सरकार द्वारा १९८१ में प्रशासकीय सेवा के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

1982 में वे भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में वापस निदेशक के तौर पर आये और उन्होंने अपना सारा ध्यान "गाइडेड मिसाइल" के विकास पर केन्द्रित किया। अग्नि मिसाइल और पृथवी मिसाइल का सफल परीक्षण का श्रेय काफी कुछ उन्हीं को है। जुलाई 1992 में वे भारतीय रक्षा मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त हुये। उनकी देखरेख में भारत ने 1998 में पोखरण में अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया और परमाणु शक्ति से संपन्न राष्ट्रों की सूची में शामिल हुआ।

डाक्टर कलाम को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से 1997 में सम्मानित किया गया। 18 जुलाई, 2002 को डाक्टर कलाम को नब्बे प्रतिशत बहुमत द्वारा भारत का राष्ट्रपति चुना गया और उन्होंने 25 जुलाई को अपना पदभार ग्र्हण किया। इस पद के लिये उनका नामांकन उस समय सत्तासीन राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक गठबंधन की सरकार ने किया था जिसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का सम्रथन हासिल हुआ था। उनका विरोध करने वालों में उस समय सबसे मुख्य दल भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी और अन्य वामपंथी सहयोगी दल थे। वामपंथी दलों ने अपनी तरफ से 87 वर्षीया श्रीमती लक्ष्मी सहगल का नामांकन किया था जो सुभाषचंद्र बोस के आज़ाद हिंद फौज में और द्वितीय विश्वयुद्ध में अपने योगदान के लिये जानी जाती हैं।

डाक्टर अपने व्यक्तिगत जीवन में पूरी तरह अनुशासन शाकाहार और ब्रह्मचर्य का पालन करने वालों में से हैं। ऐसा कहा जाता है कि वे क़ुरान और भगवद् गीता दोनों का अध्यन करते हैं। कलाम ने कई स्थानों पर उल्लेख किया है कि वे तिरुक्कुराल का भी अनुसरण करते हैं, उनके भाषणों में कम से कम एक कुराल का उल्लेख अवश्य रहता है। राजनैतिक स्तर पर कलाम की चाहत है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका विस्तार हो और भारत ज्यादा से ज्याद महत्वपूर्ण भूमिका निभाये। भारत को महाशक्ति बनने की दिशा में कदम बढाते देखना उनकी दिली चाहत है। उन्होंने कई प्रेरणास्पद पुस्तकों की भी रचना की है और वे तकनीक को भारत के जनसाधारण तक पहुँचाने की हमेशा वक़ालत करते रहे हैं। बच्चों और युवाओं के बीच डाक्टर क़लाम अत्यधिक लोकप्रिय हैं।